Khatu Shyam Mandir Jate Samay en Baato ka Rakhe Khayal

कोशिश करें कि जिस दुकान से आप प्रसाद में वहीं पर अपने जूते चप्पल उतार दें क्योंकि मंदिर के प्रवेश द्वार पर बहुत भीड़ होती है जिसमें दर्शन के बाद चप्पल जूते ढूंढना असंभव सा हो सकता है मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचने से पहले रास्ते में मन्नत के नारियल बांधने का स्थान है जहां लोग अपनी मनोकामना पूर्ण होने हेतु श्री खाटू श्याम से प्रार्थना करते हैं तथा वहीं पेड़ पर नारियल बांध देते हैं कहते हैं कि वृक्ष पर मन्नत का नारियल बांधने से उनकी  कामना अवश्य पूरी हो जाती है वही वृक्ष के नीचे श्री खाटू श्याम को झंडा भी चढ़ाया जाता है अपनी-अपनी आस्था के हिसाब से लोग खाटू के दरबार में झंडा भी लाते  हैं

भक्त खाटू के दरबार में झंडा भी अर्पित करते हैं झंडू की खूबसूरती आपके ध्यान को बरबस अपनी तरफ खींच लेती है झंडे की लंबाई 5 मीटर तक हो सकती है कुछ भक्त रींगस जंक्शन से यह झंडा लेकर खाटू धाम तक पैदल यात्रा करते हैं तो कुछ भक्तों रींगस से खाटू तक 18 किलोमीटर की दूरी जमीन पर लेट लेट कर पूरी करते हैं यकीन मानिए यह सब देखकर आपके मन में खाटू श्याम के प्रति आस्था का उभार उठने लगता है खाटू नगर में पहुंचते ही वहां का रौनक दार परिवेश तथा शाम के भक्तों की भी आपके मन को उल्लास से भर देती है

मंदिर की तरफ जाने वाली हर छोटी बड़ी गलियों में चहल-पहल होती है जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह साक्षात महसूस होता है कहीं मिठाई की खुशबू तो कहीं राजस्थानी बांधी और पगड़ी की दुकान तो कहीं श्याम के श्रृंगार की चीजें तो कहीं बच्चों के खिलौने की दुकान कहीं केसर के दूध की श्याम कुंड में जरूर स्नान करें पुरुषों तथा महिलाओं के लिए अलग-अलग कुंड  है जिसने स्वच्छता के साथ-साथ प्राइवेसी  का भी पूरा ध्यान रखा गया है कुंड के चारों तरफ बहुत से मंदिर तथा हिंदू देवी देवताओं के विग्रह है जहां श्रद्धालु दर्शन कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं

आप खाटू से मात्र 23  किलोमीटर दूर स्थित जीण माता मंदिर जा सकते हैं  इस मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है तथा यह स्थान अरावली की पहाड़ियों के गोद में बसा है जहां लाखों की संख्या में भक्तगण आते हैं